नैनो डीएपी प्रक्षेत्र प्रदर्शन में दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
संवाददाता : प्रिंस गुप्ता, भदोही
भदोही। किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास खंड ज्ञानपुर के ग्राम कंसापुर में नैनो डीएपी (तरल) आधारित प्रक्षेत्र प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी इरम की उपस्थिति में किसान काशी पाल के एक एकड़ धान के खेत में नैनो डीएपी के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग, जड़ एवं बीज शोधन की विधि तथा फसल की प्रारंभिक वृद्धि में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी के संतुलित प्रयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है।
अधिकारियों ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर लागत कम होने के साथ उत्पादन भी बेहतर होता है।
इस अवसर पर किसानों को इफको नैनो यूरिया प्लस (500 मि.ली.) और इफको नैनो डीएपी (500 मि.ली.) की उपयोगिता एवं निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि नैनो यूरिया प्लस की कीमत ₹225 तथा नैनो डीएपी की कीमत ₹600 प्रति बोतल निर्धारित है।
जिला कृषि अधिकारी इरम ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और कृषि को अधिक लाभकारी बनाएं। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने भी नैनो उर्वरकों के उपयोग को लेकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और वैज्ञानिक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
