संवाददाता प्रिंस गुप्ता
मंडल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। एकमा के अध्यक्ष उमेश गुप्ता ‘मुन्ना’ ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनपद का नाम “संत रविदास नगर” किए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है तथा उनकी महान विरासत को नई पहचान देगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए जिले का नाम “संत रविदास नगर भदोही” रखा जाए। उनका कहना है कि “भदोही” नाम विश्व प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कालीन उद्योग और जीआई (Geographical Indication) टैग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है।
उमेश गुप्ता ‘मुन्ना’ ने कहा कि भदोही के कालीनों ने भारत को वैश्विक बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई है। जिले के लाखों बुनकर, कारीगर, उद्यमी और निर्यातक वर्षों से “भदोही” नाम के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि जिले के नाम से “भदोही” शब्द पूरी तरह हट जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित ब्रांड पहचान और जीआई टैग से जुड़ी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है, लेकिन इसके साथ ही भदोही की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जनभावनाओं, कालीन उद्योग और जिले की वैश्विक पहचान को ध्यान में रखते हुए जनपद का नाम “संत रविदास नगर भदोही” रखने पर विचार करने का आग्रह किया, ताकि संत रविदास जी का गौरव भी बढ़े और विश्व प्रसिद्ध भदोही की पहचान भी हमेशा बनी रहे।
