
लेखराज कौशल (जिला प्रभारी )
राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में खलबली।
हापुड़/गढ़/धौलाना। शिक्षक नेता एवं शिक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के संस्थापक डॉ कुलदीप मलिक और नॉर्थ सेल्फ डिफेंस फेडरेशन के डायरेक्ट दुष्यंत त्यागी के साथ मिलकर आगामी एमएलसी शिक्षक चुनाव में मतदाता सूची में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है जिसके कारण लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है।
उन्होंने यह है खुलासा मेरठ में एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये किया जिसमें उन्होंने वर्तमान बीजेपी शिक्षक विधायक पर मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को शामिल करवाकर लोकतंत्र को कलंकित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन आरोपों के सबूत भी सभी के सामने प्रस्तुत किए।
सभी तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए उन्होने बताया कि उपलब्ध मतदाता सूची एवं स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारियों का मिलान करने पर बहुतायत संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनकी शिक्षक मतदाता के रूप में पात्रता असंभव है और इन सभी का सत्यापन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कुछ मामलों में वर्तमान शिक्षक विधायक के ही परिवार से जुड़े कई व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज बताए गए हैं, जबकि कुछ मतदाताओं के पहचान अधिवक्ता, व्यवसायी अथवा अन्य पेशे से जुड़े होने के सुप में सामने आई है।
दुष्यंत त्यागी एवं डॉ. कुलदीप मलिक ने सख्श प्रस्तुत करते हुए सरकार एवं चुनाव आयोग से पूछा कि आखिर कोई व्यवसायी, अधिवक्ता या फिर अन्य पेशे से जुड़ा कोई व्यक्ति शिक्षक मतदाता सूची का हिस्सा कैसे बन सकता है? इसलिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से उनका मुख्य प्रश्न है कि इन मतदाताओं को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल करने के लिए कौन-कौन से पात्रता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए और उनका सत्यापन किस स्तर पर किया गया?
दोनों ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों में सामने आई प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि का आवेदन-पत्र, शिक्षण संस्था से संबंध, नियुक्ति/सेवा प्रमाण तथा पात्रता से संबंधित अन्य दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन कराया जाना चाहिए। जो मतदाता नियमानुसार पात्र हैं, उनका मताधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहना चाहिए और जो जांच में अपात्र पाए जाएं, उनके संबंध में निर्वाचन कानून एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन प्रशासन से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची का शुद्ध एवं विधिसम्मत होना आवश्यक है। साथ ही साथ उन्होंने वर्तमान शिक्षक विधायक का इस प्रकरण में शामिल होने का वायदा करते हुए विधान परिषद से विधायक के सदस्यता खत्म करने एवं उनके ऊपर कठोर से कठोर कार्यवाही की भी मांग की ताकि लोकतंत्र की गरिमा को बचाया जा सके।
