कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरूकता का संदेश लेकर हिंदी भवन में हुआ विशाल रागिनी कार्यक्रम
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बेटियों के सम्मान और संरक्षण का संकल्प, समाज को कुरीतियों के खिलाफ किया जागरूक
रिपोर्टर : पुलिस दर्पण, गाजियाबाद
गाजियाबाद। समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकारों का संदेश देने के उद्देश्य से लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में “कन्या भ्रूण हत्या क्यों” विषय पर एक विशाल रागिनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी संख्या में समाजसेवी, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, कलाकार और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा बेटियों के संरक्षण और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री महंत नारायण गिरी जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया। उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों ने बेटी बचाने और समाज में समानता का संदेश देने के संकल्प के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।

जनप्रतिनिधियों ने दिया सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद अतुल गर्ग तथा शहर विधायक संजीव शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां परिवार और समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, लेकिन सामाजिक सोच में बदलाव लाना भी उतना ही आवश्यक है।
रागिनी प्रस्तुतियों ने झकझोरा जनमानस
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही रागिनी कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां। कलाकारों ने लोक संस्कृति के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों, बेटियों के महत्व और महिला सम्मान का भावपूर्ण चित्रण किया। रागिनियों में यह संदेश दिया गया कि बेटी केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक भी किया और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने की प्रेरणा भी दी।
आध्यात्मिक उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
इस अवसर पर वृंदावन से पधारे बिहारी जी के मुख्य पुजारी राहुल गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति और सृजन का प्रतीक माना गया है। कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति हमारी संस्कृति और मानवीय मूल्यों के विपरीत है।
समाज को मिलकर चलाना होगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम का संचालन विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव केवल कानून से नहीं, बल्कि जनजागरूकता और सकारात्मक सोच से संभव है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक बेटियों के सम्मान और संरक्षण का संदेश पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं, कलाकारों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही।
बेटियों के सुरक्षित भविष्य का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने, बेटियों को शिक्षा और समान अवसर दिलाने तथा उनके सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए समाज में निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि “बेटी है तो भविष्य है” और उसके संरक्षण में ही समाज तथा राष्ट्र की वास्तविक प्रगति निहित है।

