आगरा से ब्यूरो चीफ नरेश कुमार की रिपोर्ट
शहर और गांव के उपभोक्ताओं के बीच भेदभाव खत्म करे सरकार, एलपीजी वितरक एसोसिएशन ने उठाई आवाज..
आगरा। रसोई गैस जैसी रोजमर्रा की जरूरी सुविधा में भी शहर और गांव के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग इंतजार की व्यवस्था ने सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरी उपभोक्ताओं को जहां करीब 25 दिन में एलपीजी रीफिल मिल रही है, वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं को इसके लिए करीब 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। एलपीजी वितरण व्यवस्था में करीब 20 दिन के इस अंतर को लेकर एलपीजी वितरक एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यवस्था की समीक्षा कर सभी उपभोक्ताओं के लिए समान नियम लागू करने की मांग की है।

फतेहाबाद रोड स्थित होटल सेवन हिल टावर में रविवार को हुई एलपीजी वितरक एसोसिएशन की बैठक एवं प्रेस वार्ता में उपभोक्ताओं और गैस एजेंसी संचालकों की समस्याओं पर मंथन हुआ। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने कहा कि वितरकों की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में ऐसे प्रावधान हैं, जिनसे उपभोक्ताओं को अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब रसोई गैस शहर और गांव दोनों के परिवारों की समान जरूरत है तो रीफिल उपलब्ध कराने के नियमों में इतना बड़ा अंतर क्यों? ग्रामीण उपभोक्ताओं को करीब 45 दिन और शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन में रीफिल मिलने की व्यवस्था को समाप्त कर समान और सुविधाजनक व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
20 दिन का अंतर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब
एसोसिएशन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे अंतराल के कारण उपभोक्ताओं को सिलेंडर की जरूरत के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। रसोई गैस की खपत परिवार की जरूरत के अनुसार होती है, ऐसे में रीफिल की उपलब्धता का अंतर क्षेत्र के आधार पर तय करना उपभोक्ता हित में नहीं है। सरकार को वितरण व्यवस्था की जमीनी हकीकत को देखते हुए इसकी समीक्षा करनी चाहिए।
एजेंसी संचालकों की दिक्कतें भी दूर करने की मांग
बीएस शर्मा ने कहा कि गैस एजेंसी संचालकों को संचालन में आने वाली समस्याओं का भी शीघ्र समाधान किया जाना जरूरी है। एजेंसी संचालकों की व्यवस्थाएं सुचारु होंगी तो उपभोक्ताओं को भी बेहतर और समयबद्ध सेवा मिल सकेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समान और उपभोक्ता हितैषी बनाने की मांग की। अध्यक्ष बी एस शर्मा ने चेतावनी। देते हुए कहा कि अगर सरकार हमारी बात को नहीं सुनती है। और हमारी मांगो। को नहीं मानती है। तो। हम आगामी 26 अक्टूवर को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करेंगे सरकार के खिलाफ ।
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को केवल नीतियां बनाने के बजाय उनके जमीनी स्तर की भी समीक्षा करनी चाहिए। शहर-गांव के बीच रीफिल उपलब्धता का अंतर खत्म कर उपभोक्ताओं को समान सुविधा देना समय की जरूरत है।
बैठक का संचालन पीयूष राय ने किया। इस दौरान कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, रामनिवास तिवारी, योगेश त्रिगुजायत और संजय यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
