संवाददाता रामकुमार कानपुर देहात
कानपुर देहात रसूलाबाद। सड़क दुर्घटना में सेना के जवान की दुखद मौत हो गई थी शनिवार को गांव से जब फौजी अजय यादव की अंतिम यात्रा निकाली जिसमें हजारों लोग शामिल हुए।
रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जूड़ानिवादा गांव निवासी अजय यादव पुत्र शिवराम भारतीय सेना आर्मी में तैनात है। छुट्टी के दौरान वह परिवार के साथ बाबा महाकालेश्वर के दर्शन करने के लिए उज्जैन गए थे। वापसी के दौरान कानपुर नगर के सचेंडी में सड़क दुर्घटना में उनकी दुखद मौत हो गई पत्नी व बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

कई दलों के नेता कार्यकर्ताओ ने गांव पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं क्षेत्र के हजारों लोगों ने गांव पहुंचकर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार सुबह गांव में सेना के जवानों ने पहुंचकर गॉड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सलामी दी। गांव से जब अंतिम यात्रा निकाली तो सैकड़ो वाहन सवारों ने सेना के वाहन के पीछे पीछे चलकर नानामऊ घाट पर पहुंचे जहां राजकीय सम्मान के साथ फौजी अजय यादव का अंतिम संस्कार किया गया।

रसूलाबाद क्षेत्र के जूड़ानिवादा गांव के वीर सपूत एवं भारतीय सेना के जवान अजय यादव का शनिवार को पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचे। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही बात थी—”भारत माता के इस वीर सपूत को शत-शत नमन।”
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जूड़ानिवादा गांव निवासी अजय यादव पुत्र शिवराम यादव भारतीय सेना में तैनात थे। वह छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। परिवार के साथ मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर के दर्शन करने गए थे। दर्शन कर वापस लौटते समय कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र में उनकी कार सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना भीषण था कि अजय यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। क्षेत्र के लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। शुक्रवार देर रात से ही गांव में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। शनिवार सुबह सेना के जवान अजय यादव का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरा गांव “भारत माता की जय”, “वीर जवान अमर रहें” और “अजय यादव अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
भारतीय सेना की टुकड़ी ने पूरे सैन्य अनुशासन के साथ जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सेना के अधिकारियों एवं जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण, सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। सेना के वाहन के पीछे-पीछे लोगों का विशाल काफिला नानामऊ घाट तक पहुंचा। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना की ओर से अंतिम सलामी दी गई और पारंपरिक सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, समाजसेवियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने सरकार से शहीद सैनिक के परिवार को हरसंभव आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई।
गांव के लोगों ने कहा कि अजय यादव ने देश सेवा करते हुए हमेशा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किया। उनका असमय निधन न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। जूड़ानिवादा गांव अपने इस वीर सपूत को कभी नहीं भूल पाएगा।
