भदोही में पत्रकारों की ‘वार्तालाप’ कार्यशाला आयोजित, पोषण, नशामुक्ति और फैक्ट चेकिंग पर हुआ संवाद
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प्रिंस गुप्ता, पुलिस दर्पण, भदोही
ज्ञानपुर/भदोही, 23 सितंबर 2026। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), वाराणसी द्वारा ज्ञानपुर में पत्रकारों के लिए एक दिवसीय ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 और नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही पत्रकारों को फेक न्यूज की पहचान और फैक्ट चेकिंग के प्रभावी तरीकों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में जिले के 80 से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी बालगोविंद शुक्ल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. बाला लखेंद्र, राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास परामर्श समिति के सदस्य सुमित कुमार सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरीश तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो वाराणसी के सहायक निदेशक डॉ. लालजी ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य अतिथि अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता करने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी बालगोविंद शुक्ल ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण संबंधी जागरूकता स्वस्थ समाज की आधारशिला है। वहीं प्रो. बाला लखेंद्र ने पत्रकारों को खबरों के फॉलोअप, सूचना के सत्यापन और भ्रामक सूचनाओं से बचाव के लिए फैक्ट चेकिंग के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी।
राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास परामर्श समिति के सदस्य सुमित कुमार सिंह ने नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों, नशे के दुष्प्रभावों और समाज में इसकी रोकथाम के उपायों पर जानकारी दी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरीश ने महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समस्या, उसके कारणों तथा बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यशाला के संयोजक डॉ. लालजी ने बताया कि ‘वार्तालाप’ का उद्देश्य मीडिया और सरकारी तंत्र के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा पत्रकारों को सरकारी योजनाओं, नीतियों और सामाजिक अभियानों की प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में डिजिटल मीडिया, फैक्ट चेकिंग और जनजागरूकता अभियानों में पत्रकारों की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।
