भदोही, 22 जुलाई। छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वसीम अंसारी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। वसीम अंसारी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी भी दमनात्मक कार्रवाई से रुकने वाला नहीं है।

वसीम अंसारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज़ उठाने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया जाना लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम में शामिल होने से पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। उनके साथ एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शक्ति मिश्रा, जिला सचिव विशाल गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष सुरियावां सुरेश चौहान, ओबीसी कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश पाल, नगर अध्यक्ष सुरियावां करन मौर्य, दिव्यांग प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष जल्लू यादव तथा जिला सचिव धीरज पाल को भी उनके-अपने आवास पर नजरबंद किया गया।
इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष (संगठन) त्रिलोकीनाथ बिंद और युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ‘टोनी’ को भी पुलिस द्वारा उनके आवास पर नजरबंद किए जाने की जानकारी दी गई।
वसीम अंसारी ने कहा कि हाउस अरेस्ट, मुकदमे, लाठीचार्ज और दमन जैसी कार्रवाइयों से कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान, लोकतंत्र, शिक्षा, रोजगार तथा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों, युवाओं और आम जनता की आवाज़ बनकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगी।
