आधुनिक यूरोलॉजी और शल्य चिकित्सा की नई तकनीकों पर देशभर के विशेषज्ञों ने किया मंथन
संवाददाता : प्रिंस गुप्ता भदोही
भदोही, 25 जुलाई। जनपद के रामरायपुर स्थित ब्लेसिंग गार्डन में शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन AGUSICON-2026 का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जीवन दीप हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड एवं आईएमए भदोही के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन को एसोसिएशन ऑफ जेनिटोयूरिनरी सर्जन्स ऑफ इंडिया (AGUSI) तथा एएसआई उत्तर प्रदेश चैप्टर का सहयोग प्राप्त है। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट, शल्य चिकित्सकों, मेडिकल विशेषज्ञों एवं युवा चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आधुनिक तकनीकों का लाभ चिकित्सकों तक पहुंचाकर मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर AGUSICON-2026 का आयोजन किया गया है।

सम्मेलन के प्रथम वैज्ञानिक सत्र में प्रो. डॉ. अचल गुप्ता (ग्वालियर) ने सीएमई एवं कार्यशाला का परिचय देते हुए यूरोलॉजी में हो रहे आधुनिक बदलावों पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. मयंक अग्रवाल ने संक्रमण नियंत्रण एवं स्टरलाइजेशन की वैज्ञानिक पद्धतियों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। सम्मेलन के दौरान आयोजित लाइव ऑपरेशन सत्र ने उपस्थित चिकित्सकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिसमें आधुनिक यूरोलॉजिकल सर्जरी की नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
दोपहर के तकनीकी सत्रों में देश के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों ने विभिन्न जटिल विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। डॉ. आशीष ओहरी (लुधियाना) ने प्रोस्टेट कैंसर के आधुनिक उपचार, डॉ. एच. कृष्णा मूर्ति (कोच्चि) ने गायनेकोलॉजिकल फिस्टुला, डॉ. संजय चौबे (झांसी) ने वेरिकोसील, डॉ. मनोज यादव ने पीसीएनएल तकनीक, डॉ. स्वेतांक प्रकाश (आगरा) ने आरआईआरएस, डॉ. नीरज श्रीवास्तव (गोरखपुर) ने यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर के आधुनिक प्रबंधन तथा प्रो. डॉ. प्रोबल नेगी (प्रयागराज) ने पावर ऑफ ह्यूमन टच विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया।
सम्मेलन में “कॉम्प्लिकेशंस इन एंडोयूरोलॉजी” विषय पर विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें वरिष्ठ विशेषज्ञों ने जटिल ऑपरेशनों के दौरान आने वाली चुनौतियों, नई तकनीकों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। चर्चा के दौरान चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान पर बल दिया।
आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन यूरोलिथियासिस (पथरी), जेनिटोयूरिनरी ट्यूबरकुलोसिस, लेजर इन यूरोलॉजी, रोबोटिक्स इन यूरोलॉजी, बच्चों में तीव्र स्क्रोटम तथा पीयूजे ऑब्स्ट्रक्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इसके साथ ही “हर सर्जन को यूरोलॉजी के बारे में क्या जानना चाहिए” विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. ए.के. गुप्ता, डॉ. आर.के. पटेल एवं डॉ. वी.के. दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति ने देशभर से आए चिकित्सकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलन से चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होता है, जिसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर उपचार के रूप में मिलता है।
दो दिवसीय AGUSICON-2026 के माध्यम से भदोही पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर यूरोलॉजी एवं आधुनिक शल्य चिकित्सा के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञों ने इसे ज्ञान, अनुभव और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बताया।
