संवाददाता : धर्मेंद्र सिंह
अयोध्या । श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए वर्ष 2021 में अधिग्रहित किए गए मकान और भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने का मामला सामने आया है। रामकोट क्षेत्र के अहिराना निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन को प्रार्थना-पत्र देकर लंबित भूमि एवं मुआवजा/प्रतिफल राशि का शीघ्र भुगतान कराए जाने की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र में पीड़ित परिवार ने बताया कि 7 सितंबर 2021 को श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार योजना के अंतर्गत उनका पैतृक मकान ध्वस्त कर अधिग्रहित कर लिया गया था। परिवार का कहना है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को राष्ट्र और सनातन समाज का गौरव मानते हुए प्रशासन एवं ट्रस्ट के निर्देशों का सम्मानपूर्वक पालन किया, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद आज तक उन्हें भूमि और मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हो सकी है।
राजन यादव ने पत्र में अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए बताया कि उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में वृद्ध एवं गंभीर रूप से अस्वस्थ माता तथा तीन अविवाहित छोटी बहनों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। मकान नहीं होने के कारण बहनों के विवाह में भी लगातार बाधाएं आ रही हैं। परिवार का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते वे भारी किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं।
पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या विवाद खड़ा करना नहीं है। उनकी मांग केवल यह है कि वैधानिक अधिकार के अनुरूप देय भूमि एवं मुआवजा/प्रतिफल का भुगतान तत्काल कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार के लिए छोटा-सा घर बना सकें और बहनों का सम्मानपूर्वक विवाह कर सकें।
प्रार्थना-पत्र में ट्रस्ट महासचिव से मामले की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है। पीड़ित परिवार ने भरोसा जताया कि प्रभु श्रीराम के दरबार में उनके साथ न्याय होगा। महंत संत दास राजेश सिंह”मानव” के साथ राजन यादव, निवासी—अहिराना, निकट दिगंबर जैन मंदिर, रामकोट, अयोध्या । संतोष यादव, राम आधार यादव
परिवार ने कहा है कि वर्ष 2021 से लंबित मुआवजे का भुगतान होने से उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिलेगी और उनके परिवार में दोबारा उम्मीद जगेगी।
