संवाददाता विजय कश्यप
बलरामपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री,वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रख्यात समाजसेवी श्री हनुमत सिंह के निधन से बलरामपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। उनका जीवन सामाजिक सेवा,जनसंघर्ष,न्याय और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

श्री हनुमत सिंह का जन्म वर्ष 1942 में जनपद बस्ती के मरवटिया ग्राम में हुआ। वर्ष 1965 से उन्होंने बलरामपुर में वकालत की शुरुआत की और अपनी प्रतिभा,ईमानदारी तथा न्यायप्रियता के बल पर जिले के प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं में विशिष्ट पहचान बनाई। वे केवल एक सफल अधिवक्ता ही नहीं,बल्कि सामाजिक,धार्मिक एवं जनहित के कार्यों में भी सदैव अग्रणी रहे। समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता को उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने वर्ष 1985 में पहली बार बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। वर्ष 1989 में वे बलरामपुर से विधायक निर्वाचित हुए तथा 1991 में पुनः विधायक चुने गए। उनकी कार्यकुशलता और जनसेवा को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में गन्ना उद्योग एवं चीनी मिलें विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों,विशेषकर गन्ना उत्पादकों के हितों की रक्षा तथा चीनी उद्योग के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
श्री हनुमत सिंह को सामाजिक एवं राष्ट्रवादी विचारों की प्रेरणा अपने पिता श्री केसरी सिंह से मिली,जो सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। उन्होंने वर्ष 1952 में हिंदू महासभा के प्रत्याशी के रूप में बस्ती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था।
पारिवारिक जीवन में श्री हनुमत सिंह के परिवार में उनके भाई विजय प्रताप सिंह एवं शिव प्रताप सिंह तथा चार बहनें थीं। उनके परिवार में एक पुत्र अखिलेश प्रताप सिंह तथा दो पुत्रियां मीटा सिंह एवं गुड़िया सिंह हैं।
श्री हनुमत सिंह का संपूर्ण जीवन न्याय,सेवा,सामाजिक समर्पण और जनकल्याण की भावना से ओत-प्रोत रहा।
वकालत,राजनीति और समाजसेवा के माध्यम से उन्होंने बलरामपुर एवं आसपास के क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन जनपद और प्रदेश की राजनीति तथा समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके आदर्श,कार्यशैली और जनसेवा का भाव सदैव लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
