
संवाददाता प्रिंस गुप्ता
मंडल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। सावन के पावन सोमवार और नाग पंचमी के शुभ अवसर पर भदोही में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। विंध्याचल धाम से पवित्र जल लेकर लौटे नगर के सैकड़ों कांवड़ियों ने विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के हर-हर महादेव और जय मां विंध्यवासिनी के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
कांवड़ियों ने छीतनी तालाब स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, मेन रोड स्थित महादेव मंदिर, आनंद नगर स्थित रामजानकी मंदिर, राजपुरा के महाकालेश्वर मंदिर, दारोपुर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर और स्टेशन रोड स्थित शिव मंदिर समेत अन्य प्रमुख शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव को पवित्र जल चढ़ाया।
सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। महिलाएं भी बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचीं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति, पति एवं बच्चों की लंबी उम्र तथा घर में सुख-समृद्धि की कामना की। कई महिलाओं ने सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की।
कांवड़ यात्रा में दिखा आस्था और अनुशासन
विंध्याचल से पवित्र जल लेकर भदोही पहुंचे कांवड़ियों में खासा उत्साह नजर आया। पैदल यात्रा पूरी करने के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और संतोष दिखाई दिया। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और पानी, प्रसाद आदि की व्यवस्था कर उनकी सेवा की।
शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन सोमवार और नागपंचमी को लेकर सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतार लगने लगी। पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर पूजा में हिस्सा लिया। मंदिरों में घंटियों की आवाज और हर-हर महादेव, बोल बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सावन सोमवार और नागपंचमी का विशेष महत्व
सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, जबकि नाग पंचमी नाग देवता और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का पर्व है। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और समाज में खुशहाली की प्रार्थना की।
कांवड़ यात्रा देती है एकता और सेवा का संदेश
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी राहुल पांडेय ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल भगवान शिव को जल चढ़ाने की परंपरा नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, संयम, अनुशासन, सेवा और एकता का संदेश भी देती है। सावन सोमवार और नाग पंचमी जैसे पर्व हमारी संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करने के साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव की भावना बढ़ाते हैं।
सैकड़ों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भक्ति से भदोही के शिवालय दिनभर गूंजते रहे। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने धार्मिक उत्सव की शोभा और बढ़ा दी। चारों ओर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से भदोही शिवभक्ति में डूबा नजर आया।
