योग की शक्ति से गूंजा नगर निगम परिसर, स्वस्थ और समृद्ध समाज का लिया संकल्प
मां के सम्मान में रोपे गए पौधे, योग और पर्यावरण संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश
प्रयागराज। रविवार की सुबह नगर निगम परिसर में एक अद्भुत और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरा परिसर योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से सराबोर हो उठा।

महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी की अध्यक्षता तथा नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया।
इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ हुआ। जैसे ही मंत्रों की ध्वनि वातावरण में गूंजी, पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर उठा। योग प्रशिक्षक आनंदेश्वर राय ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन का आधार है। योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा को जोड़कर उसे सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
इस अवसर पर महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसे अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सकता है। वहीं नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने नागरिकों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए स्वस्थ प्रयागराज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। योग सत्र के समापन के बाद पर्यावरण संरक्षण को समर्पित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत नगर निगम परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
उपस्थित लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पौधे रोपे तथा हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ नागरिक और स्वच्छ-हरित वातावरण ही किसी विकसित और समृद्ध समाज की मजबूत नींव होते हैं। योग और वृक्षारोपण जैसी पहलें न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।
नगर निगम प्रयागराज द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने जनमानस में योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई चेतना और उत्साह का संचार किया। “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं। एक पेड़ मां के नाम लगाएं, प्रकृति का ऋण चुकाएं।
