डिजिटल अरेस्ट, निवेश एवं पेपर ट्रेडिंग के नाम पर करता था साइबर ठगी, चार अन्य आरोपितों की तलाश जारी

फिरोजाबाद। पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित ‘साइबर वज्र अभियान’ के अंतर्गत फिरोजाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी साइबर क्राइम राजेश गुनावत के पर्यवेक्षण में थाना रसूलपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा नकदी बरामद की है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जुबैर खान (26 वर्ष) पुत्र शाहिद खान निवासी थाना रसूलपुर, फिरोजाबाद (हाल निवासी जमालपुर, थाना मटसेना) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी डिजिटल अरेस्ट, निवेश (इन्वेस्टमेंट) और पेपर ट्रेडिंग जैसे प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाता था तथा ठगी की धनराशि विभिन्न बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित करता था।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर तमिलनाडु, तेलंगाना और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित 12 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में लगभग 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।
पुलिस के अनुसार ठगी से प्राप्त करीब 19 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन किए गए, जबकि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के खातों में लगभग 14 लाख रुपये की धनराशि होल्ड (फ्रीज) करा दी है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन, चार बैंक पासबुक, तीन एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा 5,123 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस संबंध में थाना रसूलपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सैफ अली, मोहम्मद जैद, मौरिस तथा मोहम्मद हसन नामक चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी प्रकार प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।
