
लेखराज कौशल
हापुड़। जिले में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और धौलाना तहसील में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। तीनों स्थानों पर अलग-अलग आपदाओं की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव दलों की तत्परता का परीक्षण किया गया।
हापुड़ तहसील के जिला संयुक्त अस्पताल में अग्निकांड की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और बचाव दल सक्रिय हो गए। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने के साथ आग पर काबू पाने, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास कराया गया। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सक्रिय कर उपचार और चिकित्सा प्रबंधन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था संभाली।
गढ़मुक्तेश्वर तहसील के डीएम पब्लिक स्कूल में आपदा के दौरान विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास कराया गया। वहीं धौलाना तहसील के सुख स्टील परिसर में रासायनिक आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाकर बचाव दलों ने त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता, कार्यकुशलता और आपसी समन्वय को परखा गया। अधिकारियों के अनुसार नियमित अभ्यास से वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार, एएसपी विनीत भटनागर, एसडीएम प्रेमपाल सिंह, कल्पना चौहान और श्रीराम यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सीएफओ अजय शर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता, जिला आपदा विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह बघेल, एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन, आईसीसीसी टीम, एनसीसी कैडेट, होमगार्ड और आपदा मित्रों ने सक्रिय सहभागिता की।
