बहराइच पयागपुर। संसद भवन के बाहर छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे “न्याय दो सत्याग्रह” के समर्थन और 23 जुलाई को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने जा रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षक विनय सिंह को पयागपुर पुलिस ने उनके आवास पर पहुंचकर हाउस अरेस्ट कर दिया।

विनय सिंह का आरोप है कि 20 और 21 जुलाई की मध्यरात्रि पुलिस बल उनके घर पहुंचा और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने इस कार्रवाई की जानकारी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को दी। उनका कहना है कि इसी क्रम में 23 जुलाई को प्रस्तावित कांग्रेस सेवादल का राष्ट्रीय अधिवेशन भी स्थगित कर दिया गया।
विनय सिंह ने यह भी दावा किया कि बुधवार को उन्हें जनपद में खाद-उर्वरक की कमी के मुद्दे पर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष नहीं रुकेगा।
इस कार्रवाई की कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी आलोचना की। पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी विशेश्वरगंज के अध्यक्ष एम. शफीक, किसान नेता लालजी गिरि, नगर अध्यक्ष पयागपुर डॉ. एम. नसीम इदरीसी, उमेश तिवारी, दुर्गेश सिंह, अवधराज पासवान, स्वदेश कुमार सिंह, एडवोकेट ध्रुव राज सिंह, मंशाराम तिवारी सहित कई नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
