वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा में साल्वर गैंग के माध्यम से परीक्षा दिलाकर चयन कराने के सनसनीखेज मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चेतगंज थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी अमन कुमार को जनपद बलिया से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध एवं परीक्षा माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से आरोपी को उसके पैतृक गांव एकसार पिपरौली, थाना उभांव, जनपद बलिया से दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 4 जून 2026 को उस समय प्रकाश में आया था, जब पीएम श्री क्वींस इंटर कॉलेज, लहुराबीर के प्रधानाचार्य की तहरीर पर चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि टीजीटी भर्ती परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर एक डमी परीक्षार्थी (साल्वर) को बैठाकर परीक्षा दिलाई गई थी। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही मुख्य साल्वर और उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी अमन कुमार ने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए साल्वर गैंग की मदद ली थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश, 2024 के तहत विधिक कार्रवाई की है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले नकल माफिया और साल्वर गैंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
