पुलिस दर्पण रिपोर्टर | प्रतापगढ़
प्रतापगढ़। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए लगातार कार्य कर रहे महिला सहायता प्रकोष्ठ, प्रतापगढ़ ने एक सराहनीय पहल करते हुए आपसी मतभेद और पारिवारिक विवादों में उलझे तीन परिवारों को टूटने से बचा लिया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराया और दंपतियों को पुनः साथ रहने के लिए तैयार किया।

संवाद और समझौते से सुलझे पारिवारिक विवाद
महिला सहायता प्रकोष्ठ की प्रभारी उपनिरीक्षक श्रीमती मीनाक्षी पांडेय के नेतृत्व में उन दंपतियों की काउंसलिंग की गई, जो लंबे समय से आपसी मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रहे थे। दोनों पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुनने के बाद उन्हें बातचीत के माध्यम से अपने गिले-शिकवे दूर करने के लिए प्रेरित किया गया। लगातार समझाइश और मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति से फिर एक साथ रहने का निर्णय लिया।

विश्वास और संवाद से नई शुरुआत का संकल्प
महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल से तीनों परिवारों में आपसी विश्वास बहाल हुआ। दंपतियों ने भविष्य में प्रेम, सम्मान और सामंजस्य के साथ जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस का आभार व्यक्त किया।
महिलाओं की सुरक्षा और परिवारों को जोड़ने का निरंतर प्रयास
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने कहा कि महिला सहायता प्रकोष्ठ का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि जहां संभव हो वहां पारिवारिक संबंधों को बचाने और सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित करने का प्रयास करना भी है। उन्होंने कहा कि संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से कई पारिवारिक विवादों का समाधान संभव है।
महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रतापगढ़ लगातार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए कार्य कर रहा है। प्रकोष्ठ की टीम घरेलू विवादों में दोनों पक्षों की सहमति से मध्यस्थता कर परिवारों को टूटने से बचाने और समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

