बाराबंकी । जनपद बाराबंकी के अलग अलग तहसील वा ब्लाकों वा गांवों में मंगलवार को पूरे दिन उमस भरी गर्मी और बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश नहीं हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की रोपाई का अधिकांश कार्य पूरा

हो चुका है और अब फसल को पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। बारिश नहीं होने से कई खेतों में पानी की कमी दिखाई देने लगी है। जिन किसानों के पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, वे मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर बिजली आपूर्ति न मिलने से ट्यूबवेल भी नियमित रूप से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे सिंचाई का संकट और गहरा गया है।
धान की फसल पर मंडराने लगी चिंता
जनपद के अधिकांश गांवों में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। अब फसल की अच्छी बढ़वार के लिए लगातार पानी की जरूरत है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों का पानी कम होने लगा है। दिन में तेज धूप

और उमस के कारण मिट्टी की नमी भी तेजी से कम हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों ने बताई अपनी परेशानी
फतेहपुर क्षेत्र के किसान अनस ने बताया कि इस समय धान की फसल पूरी तरह पानी पर निर्भर है। बारिश नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं और किसान रोज आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। वहीं किसान राम लखन ने कहा कि जिन किसानों के पास निजी बोरिंग या सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
बिजली की समस्या भी बनी परेशानी
खेतों में काम कर रहे मजदूर संदीप ने बताया कि उमस भरी गर्मी में काम करना बेहद कठिन हो गया है। ऊपर से कई गांवों में समय पर बिजली नहीं मिल रही है, जिससे किसान ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। बिजली कटौती के कारण खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसान और खेतिहर मजदूर दोनों परेशान हैं।
मानसून पर टिकी उम्मीदें
कृषि जानकारों का कहना है कि धान की फसल के लिए जुलाई का यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान नियमित बारिश होती रहे तो फसल की बढ़वार अच्छी रहती है। फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले के किसान और ग्रामीण अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही मानसून सक्रिय होगा, जिससे खेतों में फिर से पानी भर सके और धान की फसल को पर्याप्त नमी मिल सके।
