संवाददाता: प्रिंस गुप्ता
मंडल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। सुरियावां नगर के जोधराज सिंह तालाब परिसर में रविवार को तहसील निर्माण संघर्ष समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने सुरियावां को तहसील का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभोली और सुरियावां विकास खंड की करीब तीन लाख आबादी को आज भी राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर भदोही तहसील जाना पड़ता है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2001 से सुरियावां को तहसील बनाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। कई सरकारों और जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा, सरकार को जल्द फैसला करना चाहिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि अभोली ब्लॉक के कुढ़वा, रामनगर, दुर्गागंज तथा सुरियावां ब्लॉक के हरिपुर, अभिया, चौगुना और कुशा सहित कई गांव तहसील मुख्यालय से काफी दूर हैं। इन गांवों के लोगों को जाति, आय, निवास, दाखिल-खारिज और भूमि संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि सुरियावां को तहसील का दर्जा मिल जाता है तो करीब तीन लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, सरकारी कार्यालय खुलेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक के अंत में संघर्ष समिति ने जनजागरण अभियान चलाने और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया।
बैठक में संरक्षक अशोक कुमार सिंह, अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव ‘दादा’, उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष शेषधर गुप्ता, जटाशंकर मौर्य, संजय श्रीवास्तव, वशिष्ठ नारायण दुबे, लोकेश वर्मा, बऊ उपाध्याय, जतन गुप्ता, रीना श्रीवास्तव, रेशमा बानो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
