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मुजफ्फरनगर (विनोद पाराशर)। मुजफ्फरनगर पुलिस ने बीते दिवस बड़ी कार्रवाई करते हुए तनवीर तेली पुत्र रफीक अहमद निवासी पडौली रोड नागल थाना नागल, राहिल राणा पुत्र अशरफ निवासी दौलतपुर थाना सदर यमुनानगर, रियासत पुत्र करामत अली निवासी चैंदाहेड़ी थाना देवबंद, मोहित पुत्र रामशरण निवासी तिगरा थाना सदर, यमुनानगर, मनीष पुत्र पृथ्वी सिंह निवासी सादीपुर थाना सदर, यमुनानगर, सौरभ उर्फ हिमांशु पुत्र राकेश निवासी नेहरु चौक भौकरहेड़ी थाना भोपा, रोहन उर्फ प्रियांशु पुत्र संजय कुमार निवासी नगला लक्खूपुरा, दक्षिणी भौकरहेड़ी थाना भोपा, और सूर्य प्रताप उर्फ तुषार पुत्र रामकुमार निवासी मजलिसफुर तौफीर थाना भोपा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों को जेल भेज दिया है।

एसएसपी ने बताया कि इस अन्तर्राज्यीय गिरोह का मास्टर मांइड तनवीर तेली द्वारा पूरी भूमिका बनकर किसानों का अनुदानित यूरिया बाहर लेजाया जाता था। उक्त आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। आरोपी किसानो के लिए अनुदानित यूरिया को अवैध तरीके से सौरभ उर्फ हिमांशु निवासी नेहरु चौक भौकरहेड़ी थाना भोपा, रोहन उर्फ प्रियांशु निवासी नगला लक्खूपुरा, दक्षिणी भौकरहेड़ी और सूर्य प्रताप उर्फ तुषार निवासी मजलिसफुर तौफीर थाना भोपा की खाद की दुकान से निर्धारित दाम से अधिक दाम में खरीदते थे। पुलिस से बचने के लिए तनवीर आनी कार से आगे रैकी करते हुए चलता था। उसके पीछे उक्त माल वाहन चलते थे। रास्ते में कोई परेशानी न हो इसके लिए फर्जी बिल भी इन्हीं दुकानदारों से बनवाते थे। एक अन्य साथी संजय निवासी कानो वाली रायसी लक्सर, हरिद्वार भी साथ काम करता है जो आज नहीं आया था। खाद बेचकर जो भी मुनाफा होता था उसे सभी लोग काम के हिसाब से आपस में बांट लेते थे। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि प्लाईबुड फैक्टरियों मे ग्लू बनाने के लिए इण्डस्ट्रिीयल टेक्निकल ग्रेड-1 यूरिया का प्रयोग किया जाता है। जिससे बने ग्लू का ग्रेड-1 यूरिया का 80-100 रूपये प्रति किलोग्राम खर्चा आता है। जबकि किसानो का आवंटित यूरिया से ग्लू बनाने का खर्चा 5-6 रूपये प्रति किलोग्राम पडता है। इसलिए प्लाईवुड फैक्ट्रिीयो में इसकी बहुत मांग ज्यादा होती है। जिसके चलते यूरिया की कालाबाजारी की जा रही थी।

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों द्वारा विगत 06 माह में लगभग 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजी की जानकारी हुई है। जिसमें से 20.43 हजार किलोग्राम यूरिया थाना जानसठ पुलिस द्वारा बरामद किया गया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में उ.नि. पंकज शर्मा थाना जानसठ, दीपक शर्मा, अक्षय कुमार, मोहित चौधरी प्रभारी एसओजी देहात टीम, है.का. रोहताश, दीपक कुमार, रोहित कुमार, अनुज कुमार, रामप्रकाश,अभिषेक शर्मा, प्रशान्त सिरोही, ललित मोरल आदि की मुख्य भूमिका रही है। एसएसपी ने उक्त सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। यूरिया की कालाबाजारी को पकडने के लिए कृषि विभाग की टीम 26 जून से रैकी कर रही थी। टीम की पुरकाजी, जानसठ और मोरना ब्लाक में निगरानी अभी भी चल रही है। इन क्षेत्र से यूरिया की कालाबाजारी होने का इनपुट मिल रहा है। डीएम उमेश मिश्रा के नेतृत्व में अभी तक उक्त प्रकरणों में करीब 12 एफआईआर हो चुकी है, वहीं करीब 23 लोग जेल भी जा चुके है।
