
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव निवासी थे मृतक, परिवार का थे आर्थिक सहारा
गंभीरपुर/आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में शनिवार की सुबह उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब सऊदी अरब में क्रेन चालक के रूप में कार्यरत 40 वर्षीय चंद्रिका यादव उर्फ राजेश यादव का शव उनके पैतृक आवास पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां, पत्नी, बच्चों एवं अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिंघड़ा गांव निवासी चंद्रिका यादव उर्फ राजेश यादव, पुत्र विजई यादव, पिछले कुछ समय से सऊदी अरब के रियाद शहर में रहकर क्रेन चालक के रूप में कार्य कर रहे थे। वह विदेश में रहकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
ड्यूटी से लौटने के बाद कमरे में सोने गए थे
परिजनों के अनुसार, चंद्रिका यादव 12 सितंबर की शाम ड्यूटी पूरी कर अपने कमरे पर लौटे थे। उन्होंने भोजन करने के बाद आराम के लिए कमरे में सोने चले गए। परिजनों के मुताबिक, सोने के दौरान ही उनकी अचानक मौत हो गई।
विदेश में मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक व्याप्त हो गया। इसके बाद शव को भारत लाने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू की गई। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को हवाई मार्ग से सऊदी अरब से दिल्ली लाया गया। दिल्ली से शव को वाहन के माध्यम से आजमगढ़ स्थित उनके पैतृक गांव सिंघड़ा पहुंचाया गया।
शव देखकर बेसुध हुई पत्नी
शनिवार की सुबह जैसे ही शव घर पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी रेनू यादव शव देखकर बेसुध हो गईं, जबकि मां लालती यादव अपने बेटे का शव देखकर विलाप करने लगीं। बच्चों एवं अन्य परिजनों के रोने से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
बताया गया कि चंद्रिका यादव दो भाइयों में बड़े थे। परिवार में पत्नी रेनू यादव के अलावा उनके दो पुत्र सक्षम एवं किशन तथा दो पुत्रियां हैं। चारों बच्चों का विवाह अभी नहीं हुआ है। परिवार की बेहतर परवरिश एवं भविष्य के लिए चंद्रिका यादव विदेश में रहकर मेहनत कर रहे थे।
ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
चंद्रिका यादव की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
परिजनों एवं ग्रामीणों के अनुसार, चंद्रिका यादव मेहनती और परिवार के प्रति जिम्मेदार व्यक्ति थे। उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
