
निपुण भारत मिशन के प्रशिक्षण में शिक्षकों को भाषा एवं गणित शिक्षण के प्रभावी तरीके बताए गए
रामकुमार, कानपुर देहात
रसूलाबाद। समग्र शिक्षा एवं निपुण भारत मिशन के तहत चंद्रप्रभा शर्मा डिग्री कॉलेज, रसूलाबाद में चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण के सातवें बैच के पांचवें दिन शनिवार को शिक्षकों को बच्चों को रुचिपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से पढ़ाने के विभिन्न तरीके बताए गए। प्रशिक्षण में भाषा एवं गणित विषयों को सरल, गतिविधि आधारित और बच्चों के अनुकूल तरीके से पढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
चित्रों और खेलों से बढ़ेगी बच्चों की रुचि
एआरपी पारुल निरंजन ने शिक्षकों को बताया कि बच्चों को चित्रों के माध्यम से तथा खेल-खेल में सिखाने से उनकी शब्दावली का विकास होता है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है और वे विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के साथ धैर्य बनाए रखना चाहिए तथा उनकी छोटी से छोटी प्रगति की भी सराहना करनी चाहिए। ऐसा करने से बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने का उत्साह बढ़ता है।
भाषा एवं गणित की पुस्तकों की दी जानकारी
प्रशिक्षण में बताया गया कि भाषा विषय में कक्षा एक के लिए सारंगी-1, कक्षा दो के लिए सारंगी-2, कक्षा तीन के लिए वीणा-1 तथा कक्षा चार के लिए वीणा पुस्तक का उपयोग किया जाएगा।
गणित विषय में कक्षा एक के लिए आनंदमय गणित-1, कक्षा दो के लिए आनंदमय गणित-2 तथा कक्षा तीन के लिए गणित मेला पुस्तक के माध्यम से शिक्षण कराया जाएगा। शिक्षकों को इन पुस्तकों में दी गई गतिविधियों के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई।
ध्वनि एवं मात्रा आधारित शिक्षण पर बल
एआरपी सोनू सिंह ने शिक्षकों से बच्चों को अक्षरों की ध्वनियों पर जोर देकर पढ़ाने को कहा। उन्होंने बताया कि इससे बच्चे अक्षरों को पहचानने के साथ-साथ उन्हें जोड़कर शब्द बनाना भी सीखते हैं।
संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने मात्राओं के साथ अक्षरों को जोड़कर पढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में बच्चों को दो अक्षर वाले शब्द सिखाए जाएं और उसके बाद क्रमशः तीन अक्षर वाले शब्दों की ओर बढ़ा जाए।
संदर्भदाता शैलेश पाल ने गणित मेला पुस्तक के विभिन्न पाठों एवं उनमें निहित गणितीय अवधारणाओं की जानकारी दी। संदर्भदाता दिनेश कुमार ने बच्चों को कहानियों की पुस्तकें पढ़कर सुनाने और पढ़ाई को उनके आसपास के वातावरण से जोड़ने की सलाह दी।
प्रशिक्षण में सोनिया, पूजा सिंह, श्वेता कटियार, देवीगुलाम, राजेंद्र सिंह, शिवमोहन सिंह, ज्ञानप्रकाश, पुनीत कुमार, प्रदीप कुमार, प्रियांशु सिंह, मेराज अहमद, सत्यम मिश्रा, अनुज एवं अशोक कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
