
आगरा से जिला ब्यूरो चीफ नरेश कुमार की रिपोर्ट
व्यापारियों की दो टूक—डिजिटल भुगतान पर बोझ डाला तो सड़कों पर उतरेंगे कारोबारी
आगरा। यूपीआई (UPI) से होने वाले डिजिटल लेनदेन पर टैक्स या शुल्क लगाने की चर्चाओं ने व्यापारिक संगठनों में हलचल तेज कर दी है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत), महानगर आगरा ने इस तरह के किसी भी प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पाण्डेय ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि यूपीआई पर टैक्स लगाने का कदम डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।
‘पहले डिजिटल भुगतान अपनाने को कहा, अब टैक्स की चर्चा क्यों?’
महानगर अध्यक्ष नरेश पाण्डेय ने कहा कि देश के करोड़ों छोटे-बड़े व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाकर कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया है। आज छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त कर या शुल्क लगाने की चर्चा व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उनकी रोजमर्रा की व्यापारिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। सरकार को डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने की नीति को और मजबूत करना चाहिए, न कि उस पर अतिरिक्त लागत की चर्चा करनी चाहिए।
‘टैक्स लगा तो कैशलेस से कैश की ओर लौट सकता है बाजार’
महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने कहा कि यूपीआई पर शुल्क लगाए जाने से डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता प्रभावित हो सकती है और लोग नकद लेनदेन की ओर वापस जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने यूपीआई पर कर लगाने का कोई निर्णय लिया तो व्यापारी संगठन इसका विरोध करते हुए आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
व्यापारियों ने रखी तीन प्रमुख मांगें
यूपीआई लेनदेन पर किसी अतिरिक्त टैक्स या शुल्क का बोझ न डाला जाए।
छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सहज और सुरक्षित रखा जाए।
डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन दिया जाए।
महानगर वरिष्ठ महामंत्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज व्यापार और आम जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसे सरल, सुरक्षित और सुगम बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक में दीपक वर्मा पार्षद, मानसिंह राठौर, साबुद्दीन, महेश कुमार, साहिल खान, मोनू, आदिल बेग, अशोक कुमार और अनुराग कुशवाहा सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
