कार्यालय संवाददाता
आगरा। राष्ट्रीय बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दिवस के अवसर पर सोमवार को पुलिस लाइन्स स्थित प्रशांत मेमोरियल सभागार में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार (आईपीएस) के निर्देशन एवं उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (वामा सारथी), कमिश्नरेट आगरा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त सदर/लाइन्स रामप्रवेश गुप्ता ने कराया।

कार्यशाला में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, आगरा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल, मानद महासचिव डॉ. राहुल पेंगोरिया, कोषाध्यक्ष डॉ. स्वाति द्विवेदी सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पुलिसकर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
विशेषज्ञों ने डमी मॉडल के माध्यम से कार्डियक अरेस्ट की पहचान, मरीज की प्रारंभिक जांच, सही तरीके से छाती पर कम्प्रेशन, कृत्रिम श्वसन (Artificial Respiration) तथा चिकित्सकीय सहायता मिलने तक जीवनरक्षक प्रयास जारी रखने की तकनीकों का प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआती 3 से 5 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही तकनीक से सीपीआर देने पर मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
एसीपी रामप्रवेश गुप्ता ने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के फर्स्ट रिस्पॉन्डर भी होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं, सार्वजनिक स्थलों और अन्य आपात स्थितियों में सबसे पहले पुलिस ही घटनास्थल पर पहुंचती है। ऐसे में BLS और CPR का प्रशिक्षण पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाकर आमजन के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
