संवाददाता : प्रिंस गुप्ता भदोही
भदोही। नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ और उसकी गरिमा भंग करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) न्यायालय, ज्ञानपुर ने दोषी के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने थाना सुरियावां क्षेत्र के आरोपी संदीप गुप्ता को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹60 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही आदेश दिया गया है कि अर्थदंड की कुल राशि का 90 प्रतिशत पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाएगा। यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह मामला 13 अप्रैल 2024 को थाना सुरियावां में दर्ज किया गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण जुटाए गए, जिसके आधार पर पुलिस ने निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) कौलेश्वर पाण्डेय ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त के खिलाफ लगे आरोप सिद्ध हुए और न्यायालय ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की नीति के तहत ऐसे मामलों में त्वरित विवेचना और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है। इस निर्णय को पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे अपराधों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
