डीएम से लगाई गुहार, बोले ग्रामीण— शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, मरीजों को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी
जलेसर/एटा। प्रदेश सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और सुदृढ़ संपर्क मार्गों का दावा कर रही है, वहीं जलेसर विकासखंड की ग्राम पंचायत सकरौली के मजरा महापुर में ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। गांव का मुख्य संपर्क मार्ग संख्या-1426 लंबे समय से कीचड़ और दलदल में तब्दील है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अरविन्द सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है।ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। सड़क पर इतना अधिक कीचड़ और दलदल जमा हो जाता है कि महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों का पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। कई स्थानों पर आवागमन लगभग पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर लादकर ले जाना पड़ता है। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से मरीजों के जीवन पर भी संकट उत्पन्न हो जाता है। वहीं विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर भी गांव के लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है। बेटियों की विदाई गांव के भीतर से नहीं हो पाती, बल्कि किसी प्रकार कीचड़ पार कर मुख्य मार्ग तक पहुंचकर रस्में पूरी करनी पड़ती हैं।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव के युवकों के विवाह प्रस्ताव भी इस बदहाल मार्ग के कारण प्रभावित हो रहे हैं।
रिश्ते लेकर आने वाले लोग जब गांव की दलदल और कीचड़ से भरी सड़क देखते हैं तो बिना रिश्ता तय किए वापस लौट जाते हैं। इससे गांव के अनेक युवाओं के विवाह में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या से पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), जिलाधिकारी तथा तहसील समाधान दिवसों में कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपने वालों में राजकुमार राजपूत, भगवान सिंह, जयवीर सिंह, पवन प्रकाश, कुलदीप राजपूत, राजकुमार सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कराकर गांववासियों को आवागमन की समस्या से स्थायी राहत दिलाई जाए।
