
पहले डूब क्षेत्र में कॉलोनी को बसने दिया गया, सरकारी रजिस्ट्री, सरकारी स्टांप पेपर के माध्यम से उंगली और अंगूठे पर नीली स्याही लगाकर इन कॉलोनी में घरों को सरकार ने वैध बनाया, सरकार द्वारा जारी पहचान पत्रों के आधार पर बिजली के मीटर लगे
इन डूब क्षेत्र के निवासियों जो की गाजियाबाद में मतदाता भी है के द्वारा विधायक और सांसद चुने गए और अब यह 258 कॉलोनी अवैध है और इस कारण निशाने पर है कि इनका सीवरेज सीधा सहारनपुर से चलने वाली हिंडन नदी जो कि गाजियाबाद आते-आते भयंकर प्रदूषित हो जाती है में गिर रहा है शायद इन 258 कॉलोनीयों के कारण ही हिंडन नदी प्रदूषण है जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार सहारनपुर से गाजियाबाद तक 700 से ज्यादा फैक्ट्री का रासायनिक पदार्थ इस हिंडन नदी में गिर रहा है
सारे कॉलोनाइजर बच जाएंगे सारे अधिकारी बच जाएंगे जिस हिंडन नदी के कारण यह प्रयास हो रहे हैं उसकी संभावनाएं जिंदा होने की नहीं है उसको साजिश करके मार दिया गया है, और अब इस कारण 4 लाख लोग सरकारी प्रताड़ना बर्दाश्त करेंगे
इन गरीब मजलूम लोगों की आवाज को उठाना पड़ेगा इनकी गलती केवल इतनी है कि इन्होंने ऐसे क्षेत्र में मकान बनाया जहां पर बाकायदा सरकारी सहयोग से कालोनिया काटी गई
