मीटर की कीमत, बढ़ा हुआ लोड, सिक्योरिटी मनी और फ्यूल सरचार्ज वापस लेने की मांग, अघोषित कटौती पर भी उठाई आवाज………
आगरा से नरेश कुमार की रिपोर्ट
आगरा ।उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) महानगर आगरा ने बिजली विभाग की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी मनीष बंसल को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग नए-नए नियम लागू कर उद्योगों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है, जिससे प्रदेश का व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहा है।

महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय ने कहा कि 2 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन के मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये कर देना पूरी तरह अनुचित है। इसे तत्काल वापस लिया जाए।

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना सूचना और सहमति के बढ़ा दिया गया, जिससे अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी का आर्थिक बोझ भी उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह एकतरफा है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में बिजली बिलों पर लगाए जा रहे 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) को समाप्त करने की भी मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि इससे हर वर्ग के उपभोक्ताओं का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
व्यापारी नेता रामकुमार अग्रवाल ने प्रदेश में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे उद्योगों का उत्पादन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बिजली विभाग की इन नीतियों पर तत्काल रोक लगाकर व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए, अन्यथा प्रदेश से उद्योगों के पलायन का खतरा और बढ़ जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय, महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया, अरुण गुप्ता, भरत मित्तल, रामकुमार अग्रवाल, प्रिंस जैन, मोनू जैन, पंकज अग्रवाल, वीरेन्द्र सिंह पिप्पल, निशा चौधरी, रवि गोयल, हाजी कदीर खान, पंकज मिश्रा, कुतुब मलिक, सगीर खान, बाबर खान, नसीम खान, बॉबी भाई, दिनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
