
आगरा ब्यूरो कार्यालय संवाददाता
छाता TSS हुआ फॉरवर्ड चार्ज, 160-200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले हाई-स्पीड ट्रायल की तैयारियां तेज….
आगरा मंडल में 30 सितंबर तक प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य, अक्टूबर में SCADA एकीकरण से बनेगा आधुनिक कंट्रोल नेटवर्क
आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-मुंबई हाई-स्पीड कॉरिडोर की तैयारियों ने महत्वपूर्ण गति पकड़ ली है। 07 सितंबर 2026 को 132/2×25 केवी छाता ट्रैक्शन सब-स्टेशन (TSS) को सफलतापूर्वक फॉरवर्ड चार्ज कर दिया गया। इसे हाई-स्पीड रेल परिचालन की दिशा में बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।
पलवल-मथुरा खंड को हाई-स्पीड कॉरिडोर के महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस खंड में 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति को ध्यान में रखते हुए OHE, सुपर मास्ट, ट्रैक्शन सिस्टम, सिग्नलिंग और दूरसंचार सहित विभिन्न तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
वर्तमान में छाता TSS, कोसीकलां SP, मथुरा SP और शोलाका SSP को चार्ज किया जा चुका है। वहीं वृंदावन SSP को 10 सितंबर, कोटवन SSP को 15 सितंबर तथा RDE TSS को 25 सितंबर तक कमीशन करने का लक्ष्य रखा गया है।
आगरा कंट्रोल हब से SCADA सिस्टम का एकीकरण अक्टूबर में प्रस्तावित है। इससे बिजली आपूर्ति की रिमोट मॉनिटरिंग और रीयल-टाइम फॉल्ट डिटेक्शन संभव होगा।
हाई-स्पीड ट्रायल के लिए मथुरा और भूतेश्वर यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद दिल्ली-मुंबई हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बड़े पैमाने पर ट्रायल की राह और आसान होगी।
