खजुहा विकासखंड मुख्यालय के सामने ऐतिहासिक तालाब का लिया जायजा, सफाई और जलभराव को लेकर दिए निर्देश
निर्मित द्विवेदी गोपाल मण्डल प्रभारी पुलिस दर्पण प्रयागराज
फतेहपुर। सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में तालाबों के संरक्षण, सफाई एवं सुंदरीकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में खजुहा विकासखंड मुख्यालय के सामने स्थित ऐतिहासिक राडन तालाब के सुंदरीकरण एवं कायाकल्प की संभावनाओं को लेकर जनपद से आए अंडरट्रेनी बीडीओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। तालाब के आसपास फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं को देखकर संबंधित पंचायत सचिव को मौके पर बुलाया गया तथा तालाब की तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तालाब को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के साथ ही इसके संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

निरीक्षण के दौरान तालाब की सफाई के बाद उसमें जलभराव सुनिश्चित कराने, आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने तथा सुंदरीकरण की संभावनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। तालाब के चारों ओर फैली गंदगी को हटवाने और परिसर को स्वच्छ रखने के लिए भी संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया।
मुगल रोड पर होने से बढ़ जाती है तालाब की अहमियत
राडन तालाब खजुहा कस्बे के महत्वपूर्ण एवं प्रमुख मार्ग मुगल रोड के किनारे स्थित है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ बाहरी राहगीर और विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं। ऐसे में तालाब का सुंदरीकरण होने से न केवल क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि खजुहा की पहचान को भी नई मजबूती मिल सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह तालाब लंबे समय से अपेक्षित साफ-सफाई और संरक्षण की राह देख रहा है। तालाब के आसपास गंदगी का आलम होने के कारण राहगीर यहां रुकने से भी कतराते हैं। यदि प्रशासन द्वारा नियमित सफाई, जलभराव और सुंदरीकरण की योजना को धरातल पर उतारा जाता है तो यह स्थान लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
सुंदरीकरण से बदल सकती है तस्वीर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की साफ-सफाई के साथ-साथ उसके आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक पहल के बाद राडन तालाब की तस्वीर बदलेगी और वर्षों से उपेक्षित पड़ा यह ऐतिहासिक जलस्रोत फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौट सकेगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देश कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं और राडन तालाब को साफ-सुथरा एवं आकर्षक बनाने की दिशा में आगे क्या कार्ययोजना तैयार की जाती है।
