एटा। आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को तहसील सदर परिसर में क्षेत्राधिकारी सकीट नितीश गर्ग एवं उपजिलाधिकारी सदर सुश्री श्वेता सिंह की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता कर यात्रा मार्ग से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में कांवड़ मार्ग पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर एवं झूलते विद्युत तारों को तत्काल दुरुस्त कराने, मार्गों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, साफ-सफाई, संकेतक बोर्ड लगाने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।क्षेत्राधिकारी सकीट नितीश गर्ग ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी तथा सुचारु यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
उपजिलाधिकारी सदर सुश्री श्वेता सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पर सड़क, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को संवेदनशील स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के अंत में सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ निर्वहन करते हुए समय से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
