भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय के सामने हुए छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर जनपद की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विधायक जाहिद बेग द्वारा भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय ‘गोरेलाल’ को कथित रूप से “गुंडा” कहे जाने पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र दुबे ने विधायक के बयान की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से व्यक्तिगत टिप्पणी करना राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने विधायक जाहिद बेग से अपने शब्द वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

शैलेंद्र दुबे ने विधायक के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें पूरे घटनाक्रम को केवल छात्र आंदोलन बताया गया था। उनका आरोप है कि यह आंदोलन पूरी तरह स्वस्फूर्त नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक रणनीति की भी आशंका दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में पहले भाजपा नेता गोरेलाल के वाहन पर लगे पार्टी के झंडे को निशाना बनाया गया और बाद में उनके साथ अभद्रता की गई।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में बिना किसी न्यायिक निष्कर्ष के किसी व्यक्ति को “गुंडा” कहना न तो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है और न ही स्वस्थ राजनीतिक परंपरा का हिस्सा।
भाजपा नेता शैलेंद्र दुबे ने सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि गोरेलाल के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिसके आधार पर उन्हें इस तरह संबोधित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का संघर्ष होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होता है।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं, दोनों पक्षों के लगातार आ रहे बयानों से भदोही का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्माता जा रहा है।
