“पढ़ाई और हक मांग रही देश की बेटियों पर लाठियां भांजना, अभद्रता करना तथा छात्रों का सर फोड़ना, आंसू गैस के गोले दागना सरकार की कायरता है; तानाशाही के अंत के लिए जली हैं ये मसालें— हेमलता पटेल
निर्मित द्विवेदी गोपाल की स्पेशल रिपोर्ट

फतेहपुर । दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही छात्र-छात्राओं और बेटियों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ आज पीड़ित छात्रों और उनकी माताओं ने मिलकर आक्रोश का बिगुल फूंक दिया | देश के भविष्य के साथ हुए इस अन्याय के विरोध में बड़ी संख्या में एकत्रित हुईं माताओं ने हाथों में जलती हुई मशालें थामकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इस ऐतिहासिक मशाल जुलूस का नेतृत्व ‘गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा बहुआ ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस हेमलता पटेल द्वारा किया गया। शाम ढलते ही बहुआ-गाजीपुर रोड पर एकत्रित हुईं माताओं और छात्राओं ने मशाल लेकर मार्च शुरू किया जुलूस के दौरान “बेटियों पर अत्याचार बंद करो” और “छात्रों को न्याय दो” शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठी।मशाल जुलूस के दौरान अपनी बात रखते हुए प्रखर नेत्री अध्यक्ष हेमलता पटेल ने माताओं के दर्द और बेटियों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा, “कल दिल्ली की सड़कों पर हक मांग रही हमारी बेटियों के कपड़े फाड़े गए, उन पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरता की गई और और उनके साथ अभद्रता की तस्वीरें सामने आ रही हैं यह किसी भी स्वाभिमानी मां, बहन और समाज के लिए असहनीय है। जो सरकार ‘बेटी बचाओ’ का नारा देती है, वो आज अपनी ही बेटियों को लहूलुहान कर रही है।
गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक इस घोर अपमान को कतई सहन नहीं करेगी। ये मशालें तानाशाही के अंत के लिए जली हैं, छात्रों और हमारी बेटियों को न्याय तो हम लेकर रहेंगे।”संगठन की मुख्य राष्ट्रीय मांगें:दोषियों पर कार्रवाई: जंतर-मंतर पर छात्राओं के कपड़े फाड़ने और उनके साथ अभद्रता व बर्बरता करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।जवाबदेही और इस्तीफा: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की जांच हो और इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री व गृह मंत्री तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें। बिना शर्त रिहाई: ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए | इस दौरान अध्यक्ष हेमलता पटेल के साथ सुमन, रेखा, रंजना, सुधा, रानी, राजरानी, राजकुमारी, प्रीति, प्रियंका, विमला, सतून, आमना, कम्मो, शिवा, कुलदीप, विनय, सुमित आदि महिलाएं एवं छात्रा छात्राएं रहीं|
