
राजस्व नक्शे के मुताबिक पैमाइश कराने की मांग, ग्रामीण ने एसडीएम टूंडला से लगाई गुहार
आगरा मंडल रिपोर्टर वंदना
फिरोजाबाद। तहसील टूंडला क्षेत्र के ग्राम नागऊ में चकरोड की दिशा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्व नक्शे में सीधी दर्शाई गई चकरोड मौके पर टेढ़ी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। मामले में ग्रामीण सुधीर रावत ने उपजिलाधिकारी टूंडला को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर चकरोड की निष्पक्ष पैमाइश कराने और उसे नक्शे के अनुरूप सीधा डलवाने की मांग की है।
ग्रामीण द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक मौजा नागऊ स्थित गाटा संख्या 323 के सहारे चकरोड संख्या 318 व 319 निकली हुई है। आरोप है कि पूर्व में डाली गई चकरोड को वर्तमान में ट्रैक्टर से जोतकर दोबारा डलवाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन इस दौरान चकरोड को राजस्व नक्शे में दर्ज दिशा के मुताबिक सीधा रखने के बजाय कथित रूप से टेढ़ा किया जा रहा है।
नक्शे से अलग दिशा में चकरोड डालने का आरोप
प्रार्थी का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के सहयोग से चकरोड की दिशा में बदलाव किया जा रहा है। इससे मौके पर विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीण का कहना है कि यदि चकरोड को राजस्व नक्शे के विपरीत डाला गया तो भविष्य में रास्ते को लेकर विवाद और बढ़ सकता है।
प्रार्थी के अनुसार इस संबंध में पूर्व में भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब उन्होंने पूरे मामले में राजस्व नक्शे और अभिलेखों के आधार पर मौके की पैमाइश कराने की मांग उठाई है।
पैमाइश के बाद हो चकरोड का निर्माण
सुधीर रावत ने एसडीएम टूंडला से मांग की है कि राजस्व अधिकारियों से मौके पर चकरोड की पैमाइश कराई जाए और नक्शे में दर्ज वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराई जाए। इसके बाद जिस दिशा में चकरोड राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, उसी के अनुरूप उसका निर्माण कराया जाए, ताकि किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के आरोपों की गुंजाइश न रहे और ग्रामीणों के रास्ते का विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो सके।
