पीलीभीत। पीलीभीतटाइगर रिजर्व ने पूरे किए 12 वर्ष, स्थापना दिवस पर मनाया गया उत्सव।
बाघ संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में पीलीभीत बना रहा देश में पहचान।
रिपोर्ट-ललित शर्मा(ब्यूरो चीफ,पुलिस दर्पण समाचार)
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने अपनी स्थापना के 12 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर मंगलवार को मुस्तफाबाद वन विश्राम भवन परिसर में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, नेचर गाइड, सफारी वाहन चालकों और पर्यटकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पीलीभीत सुकृति माधव की मौजूदगी में केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया। प्रभारी वनाधिकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने बताया कि वर्ष 2014 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व को देश के 45वें टाइगर रिजर्व के रूप में मान्यता मिली थी। तब से लगातार संरक्षण कार्यों के चलते यहां वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हुई है।

लगभग 730 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला पीलीभीत टाइगर रिजर्व घने जंगलों, घास के मैदानों और नदियों से समृद्ध है। यह क्षेत्र बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल, बारहसिंगा सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है।
अधिकारियों ने बताया कि संरक्षण प्रयासों, वन कर्मियों की मेहनत और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बाघों की संख्या में लगातार सुधार हुआ है। इसके साथ ही इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला है, जिससे देश-विदेश के पर्यटक पीलीभीत के जंगलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
स्थापना दिवस पर वन अधिकारियों ने कहा कि टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जैव विविधता संरक्षण के लिए आगे भी विशेष प्रयास जारी रहेंगे।
