
अयोध्या। राम मंदिर में कथित गबन प्रकरण को लेकर धर्म सेना प्रमुख संतोष दूबे ने सोमवार को जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी को अपने पास उपलब्ध साक्ष्य सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने बीती रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गठित एसआईटी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया।
संतोष दूबे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रस्ट पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा आवश्यकता होने पर नए ट्रस्ट का गठन किया जाए। उन्होंने मांग की कि नए ट्रस्ट में राम मंदिर आंदोलन के शहीद कारसेवकों के परिजनों के साथ-साथ कम से कम एक सूर्यवंशी क्षत्रिय प्रतिनिधि को भी स्थान दिया जाए।
धर्म सेना प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों ने लाठियां और गोलियां तक झेली थीं। ऐसे में मंदिर निर्माण से जुड़े धन के कथित गबन की खबरों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संतोष दुबे ने अयोध्या के संत समाज को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में केवल पांच संत ही ईमानदार हैं, जबकि अन्य पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके लगाए गए आरोप असत्य सिद्ध होते हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से दंडित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि यह सभी बयान धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे द्वारा दिए गए हैं। कथित गबन प्रकरण की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
