
ब्यूरो रामकुमार कानपुर देहात
92.95 कुंतल सरकारी खाद्यान्न के गबन और कालाबाजारी का आरोप
रसूलाबाद कानपुर देहात। राशन वितरण में अनियमितता और सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के आरोप में रसूलाबाद थाने में उचित दर विक्रेता सुभाष चंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक राम प्रकाश को सौंपी है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार ग्राम पंचायत मौजमपुर के ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी कि उचित दर विक्रेता द्वारा ई पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद भी कार्डधारकों को राशन नहीं दिया जाता। शिकायत की जांच के दौरान 15 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इनमें विक्रेता पर प्रति कार्ड 2 से 3 किलोग्राम खाद्यान्न की कटौती करने तथा नि:शुल्क केवाईसी के नाम पर प्रति यूनिट 20 रुपये लेने के आरोप लगाए गए।
तत्कालीन तहसीलदार संतोष कुमार सिंह और एआरओ सतीश कुमार आनंद ने जांच के दौरान 18 जुलाई 2026 को विक्रेता की राशन दुकान का निरीक्षण किया गया। उस समय विक्रेता मौके पर मौजूद नहीं था जबकि दुकान खुली हुई थी। दुकान पर उसकी पुत्री शिखानी यादव मौजूद थीं। निरीक्षण के दौरान एक कमरे में 63 बोरी चावल और 15 किलोग्राम चीनी तथा दूसरे कमरे में 11 बोरी गेहूं और चार बोरी चावल रखा पाया गया। स्टॉक रजिस्टर मांगे जाने पर रजिस्टर की जानकारी न होने की बात कही गई।
अधिकारियों द्वारा ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड और दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न का मिलान करने पर गेहूं में 11 . 199 कुंतल और चावल में 33 . 001 कुंतल की कमी पाई गई। इस प्रकार मौजमपुर की दुकान पर कुल 44 . 20 कुंतल खाद्यान्न कम मिला।
इसके अलावा विक्रेता के पूर्व में संबद्ध ग्राम पंचायत पूरनपुरवा का मार्च और अप्रैल 2025 का अवशेष खाद्यान्न भी नई विक्रेता को उपलब्ध नहीं कराया गया। इसमें 14 . 04 कुंतल गेहूं और 34 . 79 कुंतल चावल शामिल था। दोनों मामलों को मिलाकर कुल 25 . 159 कुंतल गेहूं और 67 . 791 कुंतल चावल यानी कुल 92 . 95 कुंतल सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी अथवा निजी हित में दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार ने 9 सितंबर 2026 को पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर रसूलाबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राम प्रकाश कर रहे हैं।
