
रिपोर्टर: राकेश पाल, पुलिस दर्पण
मुजफ्फरनगर, 16 सितंबर 2026। मुजफ्फरनगर में पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इंदु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), जनपद के सभी थाना बाल कल्याण अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों तथा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
गोष्ठी में पोक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट), बाल अपचारी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, कोटपा एक्ट तथा मिशन शक्ति अभियान के तहत चल रही कार्रवाई की प्रगति पर चर्चा की गई। एसपी क्राइम ने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक मामले की अद्यतन जानकारी ली और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्रीमती इंदु सिद्धार्थ ने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी थाना बाल कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मानव तस्करी और बाल श्रम की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। एसपी क्राइम ने कहा कि पुलिस, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ संयुक्त कार्रवाई करें, ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विद्यालयों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए। महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन सेवाओं, कानूनी अधिकारों और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी देने पर भी बल दिया गया।
कोटपा एक्ट के प्रभावी पालन को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री और उपयोग से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में एसपी क्राइम ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से कानून के प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद में बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
