लेखराज कौशल
हापुड़ /गाजियाबाद जिले की स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग की जांच करने वाले गिरोह का शनिवार को पर्दाफाश किया है। भ्रूण लिंग की जांच करने वाले चार आवेदक गिरफ्तार हुए हैं।
यह गिरोह चलती-फिरती कार को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड लैब बनाकर भ्रूण लिंग की जांच करते थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पता किया जा रहा है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पीसीपी एनडीएटी अधिनियम और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

आपको बता दें कि शनिवार रात को स्वास्थ्य विभाग को मुखबीर से भ्रूण लिंग की जांच करने वाले गिरोह की सूचना मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की। यहां एक अर्टिगा कार में महिला का इंतजार कर रहे चारों आरोपियों को नामांकित लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अस्पताल या क्लीनिक में कोई रिकार्ड न बने, इसलिए कार के भीतर ही अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण का लिंग बता देता था। इसके लिए गर्भवती महिलाओं से 20 हजार रुपये वसूले जाते थे। जरूरत पड़ने पर गर्भपात की व्यवस्था भी कराई जाती थी। जांच में सामने आया है कि दलाल गर्भवती महिलाओं से संपर्क करते थे और दलालों द्वारा प्रत्येक गर्भवती महिला को गिरोह तक पहुंचने के लिए तीन हजार रूपए दिए जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत जिले के चांदीनगर थाना क्षेत्र के गठी कलंजरी निवासी संदीप, बुलंदशहर जिले के स्याना थाना क्षेत्र के खानपुर निवासी तस्लीम खैर साहिल राणा, हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के सरूपुर निवासी सलमान तथा नूरनगर निवासी साहिद अहमद के रूप में हुई है।
अब गिरोह से जुड़े साथियों, बिचौलियों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने भ्रूण लिंग की जांच की गई और कितने मामलों में गर्भपात कराया गया।
