
संवाददाता प्रिंस गुप्ता
मण्डल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने मंगलवार को महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण केंद्र, महिला एवं पुरुष वार्ड, पैथोलॉजी लैब और एक्स-रे कक्ष सहित विभिन्न विभागों का जायजा लिया।
डीएम ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, जांच की सुविधा, उपकरणों की स्थिति और साफ-सफाई की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज, दवा और जांच के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों ने बताया कि उन्हें आवश्यक दवाएं अस्पताल से मिल रही हैं और इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमसीएच विंग में बन रहे 100 बेड के अस्पताल की भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाना प्रस्तावित है। सीओडी प्रमाण-पत्र मिलने के बाद इसके संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अस्पताल शुरू होने से जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
स्वतंत्र बिजली फीडर की भी जांच
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में बनाए जा रहे स्वतंत्र विद्युत फीडर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने फीडर की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्य की जानकारी अधिकारियों से ली। परियोजना की स्वीकृत लागत 680.25 लाख रुपये बताई गई। इसके तहत 33 केवी भूमिगत विद्युत लाइन, दो 400 केवीए ट्रांसफार्मर, मीटर रूम और प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था में कुछ कमियां मिलने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता विद्युत और यूपीआरएनएसएस के अधिकारियों को उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिजली की आपूर्ति निर्बाध रहना जरूरी है। इसलिए सभी तकनीकी कमियों को जल्द दूर कर फीडर को पूरी तरह चालू और व्यवस्थित किया जाए।
डीएम ने अधिकारियों को अस्पताल में मरीजों को समय से बेहतर इलाज, दवाएं और जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर संख्या अधिकारी नीरव सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ रामराज मौर्य, प्रदीप भट्ट रमेश कुमार सहित संबंधित चिकित्सक और विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
