अजय, विनय और विकास जायसवाल ने रामपुर थाने में दी नामजद तहरीर, विनीत उर्फ राजू जायसवाल समेत अन्य पर ताला तोड़कर फर्म में घुसने, मारपीट और लाखों का माल ले जाने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
संवाददाता : जौनपुर
जौनपुर। जौनपुर जनपद के रामपुर थाना क्षेत्र स्थित सिधवन इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित कास कार्पेट यार्न डायर्स नामक ऊनी धागा निर्माण फर्म को लेकर चार सगे भाइयों के बीच लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक एवं व्यावसायिक विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। फर्म के साझेदार अजय जायसवाल, विनय जायसवाल और विकास जायसवाल ने अपने सगे भाई विनीत जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल सहित अन्य लोगों पर फर्म का ताला तोड़कर जबरन परिसर में घुसने और लगभग 27 लाख रुपये मूल्य का 5,500 किलोग्राम (करीब 50 से 55 गांठ) ऊनी धागा टाटा मिनी ट्रक में लादकर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में रामपुर थाने में नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, भदोही शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित बीडा (BIDA) कार्यालय के सामने रहने वाले स्वर्गीय कृपा शंकर जायसवाल के चार पुत्रों के बीच संपत्ति और कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते रामपुर स्थित फर्म का संचालन भी प्रभावित रहा है।
विकास जायसवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 23 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे विनीत जायसवाल उर्फ राजू अपने कई सहयोगियों के साथ फर्म पहुंचे। आरोप है कि मुख्य गेट का ताला तोड़कर सभी लोग जबरन परिसर में घुस गए और गोदाम में रखा ऊनी धागा अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया।
तहरीर के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात गेटमैन नंदलाल मिश्र ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद फर्म के नाम पंजीकृत टाटा मिनी ट्रक में करीब 5,500 किलोग्राम ऊनी धागा, जिसकी कीमत लगभग 27 लाख रुपये बताई गई है, लादकर ले जाया गया।
पीड़ित कारोबारियों का कहना है कि घटना के दौरान कंपनी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, फोटोग्राफ तथा अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए चोरी, मारपीट, आपराधिक अतिक्रमण समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी की मांग की है।
पत्रकारों से अभद्रता का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना मिलने पर कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें फर्म परिसर में प्रवेश करने से रोका गया। इस संबंध में भी पुलिस से शिकायत की गई है।
सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट
पीड़ित विकास जायसवाल का कहना है कि पारिवारिक विवाद के कारण फर्म लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे कंपनी से जुड़े सैकड़ों श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि उद्योग का संचालन दोबारा शुरू हो सके।
पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
रामपुर थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
(नोट: समाचार में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के दावों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।)
