
रिपोर्टर : रामकुमार, पुलिस दर्पण, कानपुर देहात
रसूलाबाद (कानपुर देहात)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को रसूलाबाद तहसील के 26 लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया। लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्र से संबंधित अपने बस्ते तहसील स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में जमा कर दिए। इसके साथ ही अतिरिक्त क्षेत्रों से जुड़े सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगे पूर्ण कार्य बहिष्कार का कदम भी उठाया जा सकता है।
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार यह आंदोलन शुरू किया गया है। संघ का कहना है कि लंबे समय से लेखपालों की विभिन्न मांगें शासन और उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के समक्ष रखी गई हैं। कई बार मांग पत्र सौंपने और वार्ता होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लेखपालों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
संघ के अनुसार अधिकांश लेखपाल अपने मूल हलके के साथ अतिरिक्त क्षेत्रों का भी कार्यभार संभाल रहे हैं। इससे कार्य का दबाव बढ़ने के साथ राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में भी कठिनाइयां आ रही हैं। इसी कारण प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य छोड़ने का निर्णय लिया गया है।
लेखपालों ने स्पष्ट किया कि वे अपने मूल हलके का कार्य पूर्व की तरह करते रहेंगे, लेकिन अतिरिक्त क्षेत्र से जुड़े नामांतरण, विरासत, आय, जाति, निवास, रिपोर्टिंग तथा अन्य ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्य फिलहाल नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अतिरिक्त क्षेत्र का दायित्व स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा करने वालों में आदर्श कुमार, अजीत कुमार, अंकित कुशवाहा, अंशुमान सिंह, अनु यादव, आशुतोष सिंह, अशोक कुमार, अटल कुमार, भूपेंद्र सिंह, चिरंजीत श्रीवास्तव, हर्षित श्रीवास्तव, कोमल सिंह, लक्ष्मीकांत, पवन कुमार, प्रत्युष मणि पाठक, प्रिया गुप्ता, राधेश्याम, रवेंद्र कुमार, ऋषभ शुक्ला, सौरभ सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र सिंह, उत्तम गोंड, विजय गौतम और विनोद कुमार शामिल रहे। संघ ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
