पुलिस दर्पण | संवाददाता
ललितपुर। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लगाया गया इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर इन दिनों खुद ही सवालों के घेरे में है। नगर पालिका परिषद की ओर से स्थापित किए गए इस केंद्र से जुड़े शहर के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे करीब तीन सप्ताह से अधिक समय से खराब बताए जा रहे हैं। ऐसे में शहर की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखना है। कैमरों के खराब होने की स्थिति में किसी घटना के बाद पुलिस और प्रशासन को महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जुटाने में भी परेशानी हो सकती है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी कमजोर होने से असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
स्थानीय स्तर पर नागरिकों का कहना है कि शहर में आधुनिक निगरानी व्यवस्था स्थापित किए जाने के बाद लोगों को सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन कैमरों के लंबे समय तक बंद रहने से व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने संबंधित विभाग से खराब कैमरों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर को प्रभावी ढंग से संचालित करना शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। कैमरों की नियमित जांच, तकनीकी रखरखाव और खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत से निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि शहर की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को शीघ्र सुचारु कराया जाए, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हो।
