लेखराज कौशल
हापुड़।
श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों कल्यानेश्वर महादेव मंदिर एवं भूतेश्वर महादेव मंदिर का औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंदिरों में दर्शन व्यवस्था सुचारु रहे, भीड़ प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए तथा बिजली, पानी, शौचालय, साफ-सफाई और चिकित्सा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।सीसीटीवी कैमरों की लगातार निगरानी रखी जाए तथा यातायात व्यवस्था इस प्रकार बनाई जाए कि श्रद्धालुओं और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नक्का कुआं स्थित गुरुद्वारे में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया और वहां पहुंचकर कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा, “श्रावण मास में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कर सके। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, चिकित्सा, यातायात, बैरिकेडिंग और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करेंगे। जनपद में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
