सीएचसी जलालाबाद में लापरवाही पर डीएम सख्त, ताला बंद मिलने से मचा हड़कंप
शाहजहांपुर। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जलालाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला बंद मिला और अधिकांश कर्मचारी अपने कक्षों से नदारद पाए गए। यह स्थिति देखकर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के समय अस्पताल परिसर में केवल गार्ड रमेश चंद्र, वार्ड बॉय मोहम्मद जीशान और फार्मासिस्ट मोहम्मद इलियास ही मौजूद मिले। वहीं दवा लेने आए मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए। मरीजों ने जिलाधिकारी को बताया कि उन्हें समय पर दवाएं नहीं मिल रही हैं और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। डीएम ने मौके पर ही दवाओं के स्टॉक और वितरण रजिस्टर का मिलान कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और मरीजों को दवाएं न मिलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इससे पहले जिलाधिकारी ने सीएचसी जरियनपुर का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने टीकाकरण कक्ष, एक्स-रे यूनिट और दवा वितरण व्यवस्था का जायजा लिया तथा मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र पर कूलर, रेफ्रिजरेटर और सोलर सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। साथ ही भवन की रंगाई-पुताई कर परिसर को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने को कहा। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जरियनपुर गांव में प्रस्तावित बस स्टेशन के लिए चिह्नित भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उप जिलाधिकारी को तालाब की भूमि के एक्सचेंज की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर बस स्टैंड निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिर्जापुर ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी भी मौजूद रहे।
