अयोध्या
अवैध वसूली पर सनातन रक्षक संघ का मोर्चा, बोले मुकुंद माधव त्रिपाठी— श्रद्धालुओं का शोषण नहीं होगा बर्दाश्त, जरूरत पड़ी तो होगा बड़ा आंदोलन*
अयोध्या।
रामनगरी अयोध्या में कथित अवैध पार्किंग और अवैध वसूली को लेकर अब विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है ज्ञापन में कहा गया है कि अयोध्या में नया घाट सहित कई स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था नियमों के विपरीत संचालित की जा रही है। आरोप है कि निर्धारित शुल्क और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मनमाने ढंग से धन वसूला जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई जगहों पर डिजिटल भुगतान और रसीद की व्यवस्था नहीं है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुकुंद माधव त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान होना चाहिए, लेकिन यदि उनके साथ कथित रूप से अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार किया जाता है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रामनगरी में आने वाले किसी भी श्रद्धालु, पर्यटक या स्थानीय नागरिक का शोषण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें संबंधित विभागों और प्रशासन को दी जा चुकी हैं, लेकिन यदि इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
इसलिए मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है, ताकि यदि कहीं भी अनियमितता हो रही है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जा सके सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के हित और रामनगरी की गरिमा की रक्षा के लिए है। संगठन हर स्तर पर इस मुद्दे को उठाएगा और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन भी करेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए, निर्धारित शुल्क सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, प्रत्येक वाहन चालक को रसीद उपलब्ध कराई जाए तथा यदि कहीं भी अवैध वसूली हो रही है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
