सिर्फ दो पैकेट सत्तू देकर लौटाई गईं महिलाएं
सहारनपुर । सरकार की पोषण योजना के तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों को हर माह पोषाहार उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन सहारनपुर के शारदा नगर-शिवपुरी क्षेत्र से सामने आए मामले ने इन fc दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लाभार्थी महिलाओं का आरोप है कि लगातार तीन महीने तक उन्हें आंगनवाड़ी से कोई राशन नहीं मिला, और अब जब वितरण हुआ तो सिर्फ दो पैकेट सत्तू देकर यह कह दिया गया कि “इस बार यही सामान आया है। महिलाओं का कहना है कि सामान्य तौर पर पोषाहार में रिफाइंड, दलिया, चने की दाल, काले चने, सत्तू और अन्य पोषण सामग्री दी जाती है, लेकिन इस बार केवल दो पैकेट सत्तू देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
उनका आरोप है कि हर बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यही कहकर टाल देती हैं कि विभाग से केवल इतना ही सामान आया है। लाभार्थियों के अनुसार वे पिछले तीन महीनों से कई बार आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचीं, लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि विभाग की ओर से राशन की आपूर्ति नहीं हुई है। इससे गरीब परिवारों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
दूसरी ओर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि विभाग से जितना पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है, उसी का वितरण किया जाता है। उनके पास अतिरिक्त राशन नहीं है, इसलिए वे उससे अधिक सामग्री नहीं दे सकतीं। महिलाओं ने मांग की है कि उच्च अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और यह स्पष्ट करें कि पिछले तीन महीनों में विभाग से वास्तव में कितना राशन भेजा गया तथा लाभार्थियों तक कितना पहुंचा।
उनका कहना है कि यदि रिकॉर्ड और वितरण का मिलान कराया जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है। लाभार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित राशन का वितरण नहीं हुआ और मामले की जांच नहीं कराई गई, तो वे सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन करने को मजबूर होंगी। उनका कहना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
