संवाददाता – आलोक शुक्ला पुलिस दर्पण, कानपुर
कानपुर, 7 सितंबर। पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर से कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सोमवार को कई इलाकों में घरों और सड़कों पर कई फीट तक पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित रहा। रिपोर्टों के अनुसार करीब 40 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग एक हजार मकान पानी में डूब गए हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। पिपौरी क्षेत्र में भी कई लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। लगातार बढ़ते पानी के कारण कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ है। बिकरू-शिवली मार्ग पर भी बाढ़ का असर देखने को मिला है।

ग्रामीणों के अनुसार कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ परिवार प्लास्टिक शीट के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और आवश्यक सेवाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए चिकित्सा दलों को भी सक्रिय किया गया है।
अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों को और तेज करने की मांग की है।
