फतेहपुर में ‘बंगाली डॉक्टरों’ का मकड़जाल — बिना डिग्री सैकड़ों अस्पताल संचालित, क्या CMO करेंगे कार्रवाई?
अवधेश कुमार दुबे पुलिस दर्पण
फतेहपुर। जिले में इन दिनों तथाकथित “बंगाली डॉक्टरों” का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये लोग बंगाल से कौन सी डिग्री लेकर आ रहे हैं, जिसके आधार पर खुलेआम इलाज कर रहे हैं? बिना मान्यता, बिना प्रशिक्षित स्टाफ और बिना किसी वैध पंजीकरण के सैकड़ों क्लीनिक और अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
जिले के गाजीपुर बस स्टॉप के पास, रेल बाजार रोड, बाकरगंज, सहिली, जानिया, शाह, बहुआ, दतौली, चकस्करण, बिन्दकी और जहानाबाद जैसे क्षेत्रों में इनका जाल फैला हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन जगहों पर अवैध तरीके से इलाज किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये अवैध अस्पताल किसके संरक्षण में चल रहे हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
यदि इन तथाकथित डॉक्टरों के आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की गहन जांच कराई जाए, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, कई लोगों के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री तक नहीं है।
अब निगाहें जिले के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी उदयभान पर टिकी हैं। क्या वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करेंगे? या फिर यह मकड़जाल यूं ही फैलता रहेगा और आम जनता की जान जोखिम में पड़ती रहेगी?
जनता प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि ऐसे फर्जी डॉक्टरों पर लगाम लगाई जा सके और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जा सके।
